PM Modi Inaugurates BAPS Hindu Temple in Abu Dhabi

अबू धाबी में पीएम मोदी ने किया श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर का उद्घाटन

विशेष सहयोग और आपसी प्रेम के साथ बना भारतीय मंदिर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर का उद्घाटन करते हुए यह बताया कि यह मंदिर भारत और अरब के लोगों के आपसी प्रेम का प्रतीक है और इसमें भारत-यूएई के रिश्तों का अध्यात्मिक प्रतिबिंब भी है।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें विविधता ही विशेषता लगती है और यह वैश्विक संघर्षों और चुनौतियों के सामने एक विश्वास देता है। इस मंदिर में पग-पग पर विविधता में विश्वास दिखेगा।”

मोदी जी ने यूएई की सरकार की उदारता की सराहना करते हुए कहा कि यहां ने भारतीय श्रमिकों के लिए अस्पताल बनाने के लिए ज़मीन प्रदान की है। उन्होंने आपसी समर्थन और विश्व शांति के लिए भारत की प्रयासों की सराहना की।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि अबू धाबी में यह मंदिर सिर्फ उपासना स्थल नहीं है, बल्कि यह मानवता का हेरिटेज है और भारत और अरब के लोगों के आपसी प्रेम का प्रतीक है।

मंदिर का उद्घाटन: भारत और अरब के बीच सजीव संबंध का महत्वपूर्ण क्षण

पहला हिंदू मंदिर खाड़ी देश में अबू धाबी में उद्घाटन

बुधवार को अबू धाबी में हुआ श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर का उद्घाटन भारत और अरब के बीच सजीव संबंध का महत्वपूर्ण क्षण है। मंदिर का निर्माण खाड़ी देश में पहले हिंदू मंदिर के रूप में हुआ है और यह समर्पित है विश्वास, सद्भाव, और सहयोग के लिए।

मंदिर का आकार 27 एकड़ पर है और यहां का महौल विश्व सांप्रदायिक सौहार्द की भावना से भरा हुआ है। उद्घाटन समारोह में शामिल होने वाले भारतीय समाज के अग्रदूतों ने इस मौके पर बड़ा गर्व महसूस किया।

यूएई-भारत संबंधों में एक नई ऊंचाई

भारत और यूएई के बीच सजीव और सांप्रदायिक सहयोग की प्रेरणा

पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत और यूएई के बीच की दोस्ती को आपसी विश्वास और सहयोग के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। उन्होंने बताया कि इन संबंधों ने बीते वर्षों में एक नई ऊंचाई हासिल की है और भारत इसे केवल वर्तमान संदर्भ में नहीं, बल्कि हजारों साल पुराने रिश्तों के रूप में भी देखता है।

मोदी जी ने मंदिर के उद्घाटन को मानवता के लिए और भविष्य के लिए बसंत का स्वागत करते हुए बताया कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगा। इसमें यूएई सरकार का महत्वपूर्ण योगदान है जो इस मंदिर के निर्माण को समर्थन देकर करोड़ों भारतीयों की इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया है।

मंदिर का उद्घाटन सांप्रदायिक सौहार्द की ओर एक महत्वपूर्ण कदम

अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर बनाने में यूएई की योजना

यूएई में बनने वाले इस पहले हिंदू मंदिर के उद्घाटन से यह साबित हो रहा है कि दोनों देशों के बीच सजीव संबंध, सद्भाव, और सहयोग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। इस मंदिर के माध्यम से, यह बात स्पष्ट हो रही है कि धर्म, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने का संकल्प दोनों देशों के बीच मजबूत है।

इस अद्वितीय मंदिर के उद्घाटन से, यह साबित हो रहा है कि भारत और अरब के बीच के संबंध न केवल आर्थिक, बल्कि आध्यात्मिक स्तर पर भी मजबूत हो रहे हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने उन लोगों को शुभकामनाएं दी जो इस मंदिर के निर्माण में योगदान किए और उन्हें समर्थन देने वाले सभी को धन्यवाद दिया।

मुख्य समाचार: अबू धाबी में श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर का उद्घाटन के साथ, भारत-यूएई द्विपक्षीय संबंधों में एक नई मील का पत्थर

मंदिर निर्माण में शेख मोहम्मद की बड़ी भूमिका, मेरी इच्छा पूरी की – अबू धाबी में बोले पीएम मोदी

इस अद्वितीय मंदिर के उद्घाटन के साथ, अबू धाबी ने भारत-यूएई संबंधों में एक नई मील का पत्थर रखा है और सजीव संबंधों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धार्मिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इस मंदिर का उद्घाटन सिर्फ एक धार्मिक स्थल का नहीं, बल्कि एक नए संबंध की शुरुआत का भी प्रतीक है जो सांप्रदायिक सौहार्द और वैश्विक एकता की दिशा में है।

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